Monday, September 17, 2012

विदेशी किराना कंपनियों को नहीं दिया जायेगा लाइसेंस

निगम में लाया जायेगा इस सन्दर्भ में प्रस्ताव,
मुख्यमंत्री को लिखे खुले पत्र में महापौर ने जताया विरोध, इस मुद्दे पर जन सुनवाई किये जाने का निर्णय 

१७ सितम्बर २०१२, पूर्वी दिल्ली नगर निगम

पूर्वी दिल्ली की महापौर डॉ. अन्नपूर्णा मिश्रा ने आज दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित के नाम एक खुला पत्र जारी करते हुए दिल्ली में विदेशी किराना दुकानों को खोलने के उनके निर्णय का कड़ा विरोध किया. 

डॉ. अन्नपूर्णा मिश्रा ने इस अवसर पर घोषणा की कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम में खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश को अनुमति तथा
ऐसी विदेशी किराना कंपनियों को लाइसेंस दिए जाने के विरोध में एक प्रस्ताव लाया जायेगा.  

मुख्यमंत्री को लिखे खुले पत्र में महापौर डॉ. मिश्रा ने सवाल किया है कि जब अनेक महत्वपूर्ण राज्यों की सरकारे जैसे पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, बिहार और यहाँ तक कि कांग्रेस
शासित राज्य जैसे केरल ने भी अपने राज्य में विदेशी खुदरा कंपनियों को नहीं आने देने का निर्णय किया है तब दिल्ली में अनुमति देने की इतनी जल्दबाजी क्यूँ
?

डॉ. मिश्रा ने मुख्यमंत्री को आगाह किया कि दिल्ली के व्यापारी और जनता पूरे देश के लिए "प्रयोगशाला के चूहे" के तौर पर इस्तेमाल नहीं किये जाने चाहिए. 


डॉ. अन्नपूर्णा मिश्रा ने आगे सवाल पूछा है कि
क्या इस निर्णय से पहले सरकार के किसी भी प्रतिनिधि ने ये जानने कि कोशिश की कि दिल्ली के विभिन्न खुदरा व्यापार के केन्द्रों जैसे शाहदरा, कृष्णा नगर, चांदनी चौक, लाजपत नगर, करोल बाग, बाबरपुर, भजनपुरा, सरोजिनी नगर, सीलमपुर, जाफराबाद, मौजपुर इत्यादि में रोजगार चला रहे व्यापारियों, कर्मचारियों, डिस्ट्रीबुटरो इत्यादि की जीविका पर क्या प्रभाव पड़ेगा


उन्होंने कहा कि
हमारे समाज के कमजोर वर्गों के लोग जैसे की मुस्लिम युवा, दलित समाज एवं गरीब परिवारों की कामकाजी महिलाएं सीधे या परोक्ष रूप से इसी खुदरा व्यापार से जुड़े हुए है. खुदरा व्यापार को विदेशी निवेश के लिए खोलने का यह प्रयोग सीधे तौर पर अल्पसंख्यक समाज, दलित समाज गरीब परिवारों की कामकाजी महिलायों की रोजी रोटी से खेलने जैसा है.
पत्र में महापौर महोदया ने लिखा है कि खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश हमारे युवाओं कि उद्यमशीलता को प्रभावित करेगा और देश का युवा जो कि आज अपनी कर्मठता और उद्यमशीलता के लिए जाना जाता है वो इन विदेशी खुदरा व्यापारियों की दुकानों में सेल्स बॉय या सेल्स गर्ल बनकर रह जायेगा. उन्होंने प्रश्न पूछा है कि आखिर क्यूँ दिल्ली सरकार बड़े पैमाने पर चीन में बनी सस्ती वस्तुएं बेचने वाली ये विदेशी खुदरा कम्पनियाँ को छूट दे रही है कि वो दिल्ली को एक चीन में बने सस्ते सामान का "डंपिंग ग्राउंड" बना दे?

डॉ. मिश्रा ने सवाल किया  कि
बिना नगर निगमों को विश्वास में लिए, बिना व्यापारियों कामगारों से चर्चा किया, बिना उपभोक्ता संगठनो कि राय जाने, बिना जनता कि मर्जी के लिया गया आपका यह निर्णय ना केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि संविधान कि भावना के विपरीत भी है. उन्होंने पूछा कि आमजन की जिंदगी रोजगार से जुड़े ऐसे नीतिगत निर्णय इस प्रकार गुपचुप तरीके से क्यूँ लिए जा रहे है?

डॉ. मिश्रा का कहना है कि
इस प्रकार के निर्णय जन भागीदारी से ही लिए जाने चाहिए, दिल्ली सरकार को जन सुनवाई जिसमे व्यापारियों, उपभोक्ताओं, कर्मचारियों, प्रभावित होने वाले कमजोर वर्गों के प्रतिनिधियों,नगर निगमों, RWAs, इत्यादि सभी की भागीदारी हो, के बाद ही इस सन्दर्भ में निर्णय लेना चाहिए.

महापौर डॉ. अन्नपूर्णा मिश्रा ने जानकारी दी कि
पूर्वी दिल्ली नगर निगम के द्वारा खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश के मुद्दे पर एक जन सुनवाई की जायेगी. जिसमे खुदरा व्यापार से जुड़े सभी भागीदारो की बातो को सुना जायेगा. इस जनसुनवाई का आयोजन २६ सितम्बर २०१२ बुधवार को पूर्वी दिल्ली निगम मुख्यालय में किया जायेगा.


उन्होंने कहा कि इस जन सुनवाई के मुख्यमंत्री शीला दीक्षित जी को भी आमंत्रित किया जायेगा.

डॉ. अन्नपूर्णा मिश्रा का कहना है कि वो दिल्ली के व्यापारियों और उपभोक्ताओं को "प्रयोगशाला का चूहा" बनाये जाने का विरोध करती है. 


Letter to CM Shiela Dikshit on FDI in Retail

Monday, September 10, 2012

Press Statement on Aseem Trivedi

मैं कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी की गिरफ़्तारी का विरोध करती हूँ.

कार्टून बनाना देशद्रोह कैसे हो सकता है. असीम त्रिवेदी ने तो केवल राजतन्त्र में बढ़ते भ्रष्टाचार पर व्यंग करने के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ आम जनता की आवाज को कार्टून के माध्यम से जाहिर किया.

देशद्रोह तब होता है जब राष्ट्रिय प्रतीक छपे हुए लेटर हेड्स पर अपने रिश्तेदारों को कोयला खदाने दी जाती है,


देशद्रोह तब होता है जब किसी फाइल के ऊपर राष्ट्रिय प्रतीक छपा होता है और अन्दर कामनवेल्थ खेल के नाम पर कभी 2G  आवंटन के नाम पर घोटालो की रूपरेखा तैयार की जाती है.

महाराष्ट्र सरकार को आजाद मैदान में अमर जवान ज्योति तो तोड़ने वाले पर देशद्रोह का मामला बनता नज़र नहीं आया, लेकिन एक कार्टूनिस्ट जो कार्टून के माध्यम से भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता की लड़ाई में अपने योगदान दे रह है उसके प्रतीकात्मक कार्टून पर देशद्रोह दिखाई देता है.


जब कोई सरकार कार्टून से डर जाये, जब कलाकारों पर देशद्रोह जैसे संगीन इलज़ाम लगाये जाने लगे तो स्पष्ट है की ऐसी सरकार की चूले हिल चुकी है, भ्रष्ट सरकार को जनता की आवाज़ से ही डर लगने लगा है.


असीम त्रिवेदी पर की गई कार्यवाही गलत है, ऐसी किसी भी कार्यवाही से पहले कानून की भाषा के साथ साथ उसका मकसद भी समझना चाहिए.   

Wednesday, September 5, 2012

महापौर ने दिया ठेकेदार को ब्लेकलिस्ट करने का निर्देश

महापौर ने दिया ठेकेदार को ब्लेकलिस्ट करने का निर्देशकल करंट लगने से हुई थी एक मजदूर के बच्चे की मृत्यु,
औचक दौरा कर ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलने का आदेश

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४ सितम्बर २०१२, पूर्वी दिल्ली नगर निगम

कल दोपहर को स्वामी दयानंद अस्पताल में चल रहे नए  वार्ड के निर्माण कार्य के दौरान वहां काम कर रहे एक मजदूर के बच्चे की मृत्यु करंट लगने से हो गई.

आज जैसे ही समाचारपत्रों व टीवी चेनलो के माध्यम से इस सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त हुई, पूर्वी दिल्ली की महापौर डॉ. अन्नपूर्णा मिश्रा ने अस्पताल का औचक दौरा करने व पीड़ित परिवार के सदस्यों से मिलने का निर्णय किया.

दौरे के दौरान महापौर महोदया के साथ निगम की स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष श्री जीतेन्द्र चौधरी व स्थानीय निगम पार्षद श्रीमती स्वाति गुप्ता भी उपस्थित थी.

महापौर महोदया ने अस्पताल में आज सुबह अचानक पहुँचकर दुर्घटना स्थल का दौरा किया व अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को भी तुरंत ही उपस्थित होने का निर्देश दिया.

दौरे के समय चिकित्सा अधीक्षक श्री बंसल किसी मीटिंग के लिए बाहर गए हुए थे और दौरे की सूचना मिलते ही तुरंत अस्पताल वापस आये.

दौरे के दौरान पाया गया की निर्माण स्थल में बिजली का तार निर्माणाधीन इमारत के चेनेल गेट पर छू रहा था जिससे  छू जाने के कारण वह काम कर रहे एक मजदूर के बच्चे की मृत्यु हो गई.

महापौर महोदया ने इसे आपराधिक लापरवाही करार देते हुए निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए की अस्पताल में निर्माण का कार्य कर रही एजेंसी को तत्काल ब्लेक लिस्ट किया जाये व ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाये.

दौरे के पश्चात् इस सम्बन्ध में एक निर्देश पत्र निगम आयुक्त को भी भेज दिया गया.

महापौर डॉ. अन्नपूर्णा मिश्रा ने इस पूरे घटना क्रम की विभागीय जांच कर निगम अधिकारियो की भी जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

महापौर ने किया खजूरी खास का दौरा

महापौर ने किया खजूरी खास का दौरा
अतिक्रमण हटाने के निर्देश, कूड़ा ठीक से न हटाये जाने पर सफाई निरीक्षक को चेतावनी
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३ सितम्बर २०१२, पूर्वी दिल्ली नगर निगम

पूर्वी दिल्ली की महापौर डॉ. अन्नपूर्णा मिश्रा ने आज खजूरी खास इलाके का दौरा किया. दौरे के दौरान खजूरी खास क्षेत्र में सडको पर अतिक्रमण की शिकायत सामने आई. स्थानीय निवासियों ने शिकायत की कि दिल्ली पुलिस व निगम कर्मचारियों की मिलीभगत से ही अतिक्रमण को शाह दी जा रही है. महापौर महोदया ने निगम उपायुक्त श्री अमज़द टंक को निर्देश दिए की वह क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के लिए समयबद्ध तरीके से अभियान चलाये.

इस दौरे का कार्यक्रम वरिष्ठ नागरिक एवं नागरिक कल्याण संस्थायों के माध्यम से रखा गया था. दौरे के दौरान देखने में आया की कालोनी के बीच से गुजरने वाले नाले में सफाई न होने के कारण नाले का गन्दा पानी कालोनी में आ जाता है, जिससे कई प्रकार की असुविधाओं का सामना करना पड़ता है. निगम के अधिकारियों ने जन्कती दी की यह नाला दिल्ली सरकार के बाढ़ नियंत्रण विभाग के अंतर्गत आता है तथा नगर निगम के द्वारा बाढ़ विभाग को इस नाले की सफाई के सम्बन्ध में पत्र भी लिखे जा चुके है. डॉ. मिश्रा ने निगम अधिकारियों को बाढ़ नियंत्रण विभाग पर दबाव डाल कर नाले की सफाई सुनिश्चित करने के प्रयास करने के निर्देश दिए.

स्थानीय निवासियों ने क्षेत्र में कूड़े के निपटारे की समस्या की तरफ भी महापौर मोहोदय का ध्यान आकर्षित किया. सफाई व्यवस्था में खामियों को देखते हुए डॉ. अन्नपूर्णा मिश्रा ने सफाई निरीक्षक को चेतावनी देते हुए क्षेत्र में सफाई व्यवस्था चाक चोबंद करने के निर्देश दिए. खजूरी खास में चल रहे अवैध कूड़ा घर के सम्बन्ध में भी शिकायत सामने आई. जिसपर सम्बंधित अधिकारियों को रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है.

दौरे के दौरान निगम उपायुक्त , स्वास्थ्य अधिकारियों सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे.

Wednesday, August 29, 2012

नियमितीकरण के नाम पर एक बार फिर धोखा दे रही है दिल्ली सरकार

प्रेस वक्तव्य
नियमितीकरण के नाम पर एक बार फिर धोखा दे रही है दिल्ली सरकार

दिल्ली की गरीब पर मेहनतकश व स्वाभिमानी जनता की भावना से खिलवाड़ कर रही है शीला दीक्षित

२९ अगस्त २०१२, दिल्ली

माननीय मुख्यमंत्री जिस प्रकार 917 कालोनी को नियमित करने का ढिंढोरा पीट रही है, वो पहले दिल्ली की जनता को जवाब दे की इस खोखले नियमितकरण के दिखावे से इस कॉलोनियों में रहने वाली जनता को आखिर क्या मिलेगा?
मै माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित से मांग करती हूँ की वो निम्नलिखित सभी सवालो का जवाब दिल्ली की जनता खास तौर पर इन कॉलोनियों में रहने वाले नागरिको को दे:-
  1. क्या इन कॉलोनियो में रहने वाले निवासी अब अपने घर का नक्शा पास करवा सकेंगे?
  2. क्या इन कॉलोनियो के निवासी अब कानूनी तौर पर रजिस्ट्री करा कर जमीन व मकान की खरीद फरोख्त कर सकेंगे?


  3. क्या बैंक व अन्य आर्थिक क्षेत्र में काम कर रही संस्थाएं अब इन कॉलोनियों में मकान, जमीन व दुकानों को खरीदने व निर्माण करने ले लिए लोन देना शुरू कर देंगी?
  4. क्या दिल्ली सरकार इन सभी 917 कॉलोनियों का "स्टेटस पेपर" सार्वजनिक करेगी?


दिल्ली की जनता अब समझ चुकी है कि चुनावो से पहले हर बार शीला दीक्षित इसी प्रकार अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाली गरीब जनता की भावना से खिलवाड़ करती है. जिस प्रकार पिछले चुनाव से पहले श्रीमती सोनिया गाँधी जी के द्वारा "प्रोविजनल सर्टिफिकेट" देकर छलावा किया गया था वो दिल्ली की जनता अभी भूली नहीं है.

"मैं शीला दीक्षित जी को बताना चाहती हूँ की लकड़ी की हांडी बार बार नहीं चढ़ती, दिल्ली की जनता के सामने उनका व इस सरकार का असली चेहरा सामने आ चुका है. "

इस प्रकार दिखावे व छलावे की राजनीती करने से बेहतर है श्रीमती शीला दीक्षित इन अनधिकृत कॉलोनियो में बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करवाए. यहाँ के निवासी जो मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे है उनको पानी, बिजली, सीवर, सड़क, सामुदायिक भवन, विद्यालय, चिकित्सालय जैसी मूल सुविधाओं की आवश्यकता है, उन्हें आवश्यकता है कि उनकी जमीन व मकान की खरीद फरोख्त पक्की हो, उन्हें आवश्यकता है कि उनके मकानों के नक़्शे कानूनी तौर पर पास किये जाये.
अगर शीला सरकार 2008 में जनता से किये अपने वादे को लेकर गंभीर होती तो आज इन सभी कॉलोनियों के निवासियों को बुनियादी हक़ मिल चुका होता. लेकिन लगता है कि शीला दीक्षित जी ये मान कर बैठी थी कि वो दिल्ली की जनता को एक बार फिर कालोनी नियमितीकरण  का चुनावी झुनझुना पकड़ा कर ही काम चला लेंगी.


अनधिकृत कॉलोनियों में रह रहे दिल्ली के लाखो नागरिक सभी बुनियादी सुविधायों के हक़दार है, ये सभी नागरिक गरिमापूर्ण जीवन यापन के लिए संघर्षरत है, रात दिन मेहनत करके अपना व अपने परिवार का भरण पोषण कर पा रहे है.

मैं एक बार फिर माननीय मुख्यमंत्री महोदया से हाथ जोड़ कर निवेदन करुँगी कि "अपने राजनीतिक फायदे के लिए दिल्ली की गरीब जनता की भावनाओ से खिलवाड़ ना करे. मंहगाई और भ्रष्टाचार से जूझ रहे आम आदमी के साथ किया गया ये खिलवाड़ उनको बहुत मंहगा पड़ सकता है. "

मुख्यमंत्री जी का व्यवहार देख कर मुझे दिनकर कि ये पंक्तियाँ याद आती है :-

मानो,जनता हो फूल जिसे अहसास नहीं,

जब चाहो तभी उतार सजा लो दोनों में;
  या कोई दुधमुंही जिसे बहलाने के
जन्तर-मन्तर सीमित हों चार खिलौनों में।

मैं शीला दीक्षित जी को याद दिलाना चाहती हूँ कि
लेकिन होता भूडोल, बवंडर उठते हैं,
जनता जब कोपाकुल हो भृकुटि चढाती है;


शीला जी, दिल्ली कि जनता कि भावनाओ से खिलवाड़ बंद करे व अनधिकृत कॉलोनियों में रह रहे आम नागरिको को किस प्रकार बुनियादी सुविधाएँ मिल सकती है उसका उपाय करे. कॉलोनियों के नियमितीकरण का ये छलावा केवल एक चुनावी स्टंट है.

- डॉ अन्नपूर्णा मिश्रा 

 

Saturday, August 18, 2012

महापौर ने किया न्यू उस्मानपुर स्थित निगम फ्लैट्स में चल रहे मरम्मत कार्यो का निरीक्षण

महापौर ने किया न्यू उस्मानपुर स्थित निगम फ्लैट्स में चल रहे मरम्मत कार्यो का निरीक्षण

कार्यो की गुणवत्ता निम्न स्तर की पाए जाने पर सतर्कता विभाग को सौपी जांच 

सम्बंधित एजेंसी को दिए जाने वाले भुगतान पर लगायी रोक

१७ अगस्त २०१२ पूर्वी दिल्ली नगर निगम

पूर्वी दिल्ली की महापौर डॉ अन्नपूर्णा मिश्रा ने आज न्यू उस्मानपुर क्षेत्र में स्थित निगम फ्लैट्स में चल रहे मरम्मत कार्यो का निरीक्षण किया. दौरे के दौरान देखा गया की मरम्मत कार्यो में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता बहुत ही निम्न स्तर की है.

दौरे के दौरान महापौर महोदया  को ज्ञात हुआ की इस कार्य को संपन्न करने की अवधि केवल ६ महीने थी परन्तु २१ महीने बीत जाने के पश्चात् भी कार्य पूरा नहीं हुआ है, वही समयावधि बढ़ने के कारण कार्य की लागत भी लगातार बढती जा रही है, जिसका सीधा नुकसान नगर निगम को हो रहा है. 

महापौर डॉ अन्नपूर्णा मिश्रा ने देखा की निगम के इन फ्लैट्स में दीवार, फर्श, दरवाजे, छत, सेनिटरी फिटिंग इत्यादि का काम बहुत ही घटिया तरीके से किया जा रहा है.  दौरे के दौरान ज्ञात हुआ की निगम द्वारा काम कर रही एजेंसी को कार्य  राशी के बड़े हिस्से का भुगतान किया जा चूका है.

महापौर महोदया ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सतर्कता विभाग को जांच करने का आदेश दिया. साथ ही महापौर महोदया ने निर्देश दिया है कि निगम के उन अधिकारियों को भी जांच के दायरे में लाया जाये जिन्होंने कार्य कि गुणवत्ता निम्न स्तर कि होने के बावजूद सम्बंधित एजेंसी को दिए जाने वाली भुगतान राशी को स्वीकृति प्रदान की.

महापौर डॉ मिश्रा ने इस सम्बन्ध में निगामुय्क तो पत्र लिखकर प्रथम दृष्टया दोषी लग रहे अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने का निर्देश भी दिया.

दौरे के दौरान महापौर डॉ अन्नपूर्णा मिश्रा ने कहा, इस प्रकार की लापरवाही व जनता के पैसो के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. उन्होंने कहा की पूर्वी दिल्ली नगर निगम से भ्रष्टाचार को हटाने के लिए उनकी प्रतिबद्धता है तथा इस प्रकार के औचक दौरों के द्वारा भ्रष्टाचार के विरूद्ध अभियान जारी रहेगा.

Tuesday, August 14, 2012

स्वतंत्रता दिवस का संबोधन

पूर्वी दिल्ली नगर निगम की महापौर डॉ अन्नपूर्णा मिश्रा द्वारा स्वतंत्रता दिवस का संबोधन


साथियों स्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाये एवं बधाई.

जैसा की हम सभी जानते है कि सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के यज्ञ का आरम्भ किया महर्षि दयानन्द सरस्वती ने और इस यज्ञ को पहली आहुति दी मंगल पांडे ने। देखते ही देखते यह यज्ञ चारों ओर फैल गया। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, तात्यां टोपे और नाना राव जैसे योद्धाओं ने इस स्वतंत्रता के यज्ञ में अपने रक्त की आहुति दी। दूसरे चरण में 'सरफरोशी की तमन्ना' लिए रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक, चन्द्रशेखर आजाद, भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेव आदि देश के लिए शहीद हो गए। तिलक ने 'स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है' का उदघोष किया व सुभाष चन्द्र बोस ने 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा' का मँत्र दिया। अहिंसा और असहयोग का अस्त्र लेकर महात्मा गाँधी और गुलामी की बेड़ियां तोड़ने को तत्पर लौह पुरूष सरदार पटेल ने अपने प्रयास तेज कर दिए। 90 वर्षो की लम्बी संर्घष यात्रा के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत को स्वतंत्रता देवी का वरदान मिल सका।

15 अगस्त भारत का स्वतंत्रता दिवस है। आजादी हमें स्वत: नहीं मिल गई थी अपितु एक लम्बे संर्घष और हजारों-लाखों लोगों के बलिदान के पश्चात ही भारत आजाद हो पाया था।
उन सभी शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति कृतज्ञता कि भावना के साथ मैं आज पूर्वी दिल्ली नगर निगम की "प्रथम सेवक" के रूप में आपको संबोधित कर रही हूँ.

मुझे यह कहते हुए संतुष्टि है कि
नए नगर निगम की स्थापना के शुरुआती दिनों में हम सबने मिलकर जनाकांक्षाओं और जनापेक्षाओं पर खरा उतरने का एक सकारात्मक प्रयास किया है.  बहुत सी मुश्किलों के बावजूद हमने एक नए नगर निगम कि मजबूत आधारशिला  रखने का सफल प्रयास किया है.
आज के इस अवसर पर मैं स्वयं को और आप सभी को एक लक्ष्य देना चाहती हूँ. एक लक्ष्य, एक स्वप्न, एक विजन. स्वप्न एक आदर्श नगर निगम का. स्वप्न एक ऐसी पूर्वी दिल्ली का जहाँ सभीको शिक्षा व स्वास्थ्य की समुचित सुविधाएँ हो, जहाँ नागरिको की  भागीदारी व सहयोग से निगम कार्य संपन्न हो, एक ऐसी पूर्वी दिल्ली जिसका पारदर्शी व जनप्रिय प्रशासन समूचे देश में उदहारण बन सके.
हम शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना होगा । इन दो क्षेत्रों का सुधार inclusive विकास का एक महत्त्वपूर्ण अंग है। आने वाले सालों में पूर्वी दिल्ली कि विशिष्ट पहचान के लिए भी यह बहुत जरूरी है । आज़ादी के बाद इन दो क्षेत्रों पर हम उतना ध्यान नहीं दे सके जितना जरूरी था । आज प्राथमिक शिक्षा तक करीब-करीब हर बच्चे की पहुंच है । साथ ही हमें शिक्षा की quality में सुधार लाना है । हमारा यह प्रयास है कि हर बच्चे को, चाहे वह अमीर हो, या गरीब, चाहे वह समाज के किसी भी तबके का हो, ऐसी शिक्षा मिले, जिससे उसकी शख्सियत का सही विकास हो सके और वह देश का एक जिम्मेदार नागरिक बन सके ।

एक आदर्श नगर निगम बनाए के मार्ग में कई चुनौतियाँ भी है, उनमे से एक चुनौती है भ्रस्टाचार. भ्रस्टाचार के खिलाफ एक सशक्त एवं सार्थक अभियान आज कि आवश्यकता है.
 

पूर्वी दिल्ली नगर निगम को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए मेरी प्रतिबद्धता है.

सिटिज़न चार्टर का अक्षरशः पालन व लोक सेवा गारंटी कि दिशा में ठोस प्रयास हमें अति शीघ्र करने होंगे. निगम में भ्रष्टाचार से सम्बंधित मामलो की तेजी से सुनवाई व निर्णय हो, जांच प्रकिया पारदर्शी व जवाबदेही सुनिश्चित हो, इस दिशा में ना केवल हम सबको एकजुटता से प्रयास करना होगा बल्कि इस पूरी प्रक्रिया में जागरूक नागरिको का सहयोग भी लेना होगा. 

मैंने ऑनलाइन जनता से संवाद की एक कोशिश शुरू की है और आप सभी से अनुरोध है की इस प्रकार के प्रयास अपने अपने स्तर पर शुरू करे.

पूर्वी दिल्ली नगर निगम में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं  रहने दी जाएगी.
पूर्वी दिल्ली नगर निगम की सफल स्थापना को आज हम अपनी महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देख रहे है. गत तीन मास में सभी विभागों ने यहाँ स्थापित होकर अपने कार्यो को करना आरंभ कर दिया है.

१. उद्यान विभाग में कुल १९६४ पार्क है इसमें १००० अलंकृत पार्क है तथा १५० पार्को का पुनर्विकास एवं एक पार्क को हर्बल बनाने की योजना है. इसके अतिरिक विभिन्न विभागों के सहयोग से एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है.
२. ओन-लाइन प्रोपर्टी टैक्स में भी सुधार हुआ है तथा सारा सिस्टम ओन लाइन कर दिया गया है.
३. इस वर्ष ३० स्कूल भवनों का निर्माण कार्य आरम्भ हो चूका है तथा अभी १५ और नए भवन प्रस्तावित है.
४. दिलशाद गार्डेन, विवेक विहार, मयूर विहार, विश्व कर्मा पार्क, सेंट्रल पार्क, कृष्णा नगर में अंडर ग्राउंड कार पार्किंग की योजना है.
५. राजस्व बढ़ने हेतु निगम सम्पतियों का पुनर्विकास किया जा रह है जैसे उस्मानपुर स्टाफ क्वार्टर्स, शालीमार पार्क का पम्पिंग स्टेशन, दिलशाद गार्डेन, बी ब्लाक के स्टाफ क्वार्टर्स, नन्द नगरी के स्टाफ क्वार्टर्स आदि.
६. स्वामी दयानंद अस्पताल में ३५० बेद का निर्णय लिया गया है, जो पहले २५० थे.
७. आयुर्वेद विभाग का पंचकर्म अस्पताल स्वामी दयानंद के परिसर के बाहर बनकर तैयार है. गीता कालोनी में दीनदयाल चिकित्सा संसथान तथा करावल नगर शल्य चिकित्सा संसथान अपनी जन सेवाए शीघ्र शुरू कर देगा.

इन सभी उपलब्धियों के साथ साथ इस वर्ष दिल्ली नगर निगम का विभाजन होना एक बड़ा परिवर्तन है जिसमे चुनौतियाँ भी है और अवसर भी. मुझे विश्वास है की आप सभी योग्य व अनुभवी अधिकारीयों व श्री एस एस यादव जैसे कुशल प्रशासक द्वारा हम सभी क्षेत्र की जनता के हित में हर चुनौती का सामना सफलता पूर्वक करेंगे.

नव गठित नगर निगम के बच्चो द्वारा इस अवसर पर वीर रस से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए है. सभी बच्चे व उनके अध्यापक बधाई के पात्र है, जिन्होंने आज के समारोह की शोभा बधाई. दरअसल देशभक्ति की भावना का बीज बच्चो के मन में बचपन से ही रोपा जाता है.
ना जाने कब इन बच्चों में से देश धर्म की रक्षा के लिए सरदार भगत सिंह और वीर सावरकर और रानी लक्ष्मी बाई बनकर कौन सामने आ जाये, इसीलिए हमारा दायित्व है की आने वाली नई पीढ़ी को एक अच्छा भविष्य प्रदान करे.

बिछे हो लाख कांटे , पर चुभन बिलकुल नहीं आती
उम्मीदों का सफ़र हो तो, थकन बिलकुल नहीं आती

हम बहुत उम्मीदों व आशाव के साथ ६६वा  स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रिय पर्व के रूप में मन रहे है. अंत में आप सभो को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई.

भारत माता की जय
वन्दे मातरम