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Wednesday, May 22, 2013

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ तत्काल अपील करे दिल्ली सरकार

इस सम्बन्ध में कोई भी लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी: अन्नपूर्णा मिश्रा

आदेश का पालन करने से होगी असाधारण मानवीय  त्रासदी व उभरेगा जनाक्रोश


22 मई  2013
 
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 20 मई को समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र , हरियाणा व उत्तर प्रदेश में यमुना रिवर बेड से अनधिकृत निर्माण हटाने का आदेश दिया है।

पूर्वी दिल्ली की पूर्व महापौर व ऐसे ही क्षेत्र में बने वार्ड  सोनिया विहार से निगम पार्षद डॉ अन्नपूर्णा मिश्रा का कहना है कि इस आदेश के लिए दिल्ली सरकार व डीडीए की अक्षमता जिम्मेदार है. दिल्ली सरकार व डीडीए द्वारा इन क्षेत्रो की जमीनी हकीकत व इतिहास के सम्बन्ध में सही तरीके से ग्रीन ट्रिब्यूनल को जानकारी नहीं दी गयी।

इन क्षेत्रो में लाखो परिवार बसते है और इनमे से किसी भी परिवार ने कोई अनधिकृत कब्ज़ा नहीं किया है, इन सभी गरीब व मेंहनतकश लोगो ने रात दिन की कमाई से किसी तरह छोटे छोटे प्लाट खरीद कर घर बनाये है। अकेले दिल्ली में ही चालीस लाख से ज्यादा लोग इन्ही क्षेत्रो में रहते है।
  
अगर ग्रीन ट्रिब्यूनल के ऐसे किसी भी आदेश को पालन  किये जाने का प्रयास किया जाता है  तो दिल्ली में न केवल एक असाधारण मानवीय त्रासदी की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी वही साथ ही भयानक  कानून एवं व्यवस्था की समस्या भी खड़ी होगी।

ऐसा लगता है दिल्ली सरकार व डीडीए या तो गहरी नींद में सोये हुए है अथवा जानबूझकर इन लाखो लोगो के जीवन पर उत्त्पन्न संकट की अनदेखी कर रहे है।

यमुना रिवर बेड पर जहाँ कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज स्वयं डीडीए द्वारा बनाया गया वहां अनधिकृत कालोनियों में रहने वाले गरीब निवासियों के आशियाने पर खतरा आता देखकर भी दिल्ली  सरकार व डीडीए की चुप्पी को देखकर लगता है  कि इस सरकार के राज में गरीबो के लिए अलग नियम है और अमीरों के  लिए कोई  नियम नहीं।


इन बस्तियों में लाखो घरो के साथ साथ सरकार द्वारा तैयार किया गयी गलियां, नालियां, स्कूल, हस्पताल, पोस्ट ऑफिस जैसी अनेक बुनियादी सुविधाएँ भी मौजूद है, इन्ही  सब को  देखकर ज्यादा से ज्यादा लोगो ने चंद पैसे जोड़कर इन क्षेत्रो में किसी तरह छोटे छोटे प्लाट खरीद कर घर बनाये है। आज अचानक इनके घरो को हटाये जाने का कोई भी निर्णय अव्यवहारिक, अमानवीय व असंभव है।

डॉ अन्नपूर्णा मिश्रा का कहना है कि दिल्ली सरकार व  डीडीए को ग्रीन ट्रिब्यूनल के इस आदेश खिलाफ तत्काल अपील करनी ही होगी।

मैं शीला दीक्षित व  डीडीए के अधिकारीयों को चेतावनी देती हूँ कि इस सम्बन्ध में कोई भी लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

हम लोग इस सम्बन्ध में दिल्ली सरकार के अगले कदम पर लगातार  नज़र रखे हुए है। 
इन सभी क्षेत्रो में उत्तर प्रदेश, बिहार व उत्तराखंड जैसे राज्यों से आये मेहनतकश व स्वाभिमानी नागरिक रहते है।

आज आवश्यकता इन क्षेत्रो का नियमितीकरण करने व इन क्षेत्रो में बेहतर बुनियादी सुविधाएँ उत्पन्न कराने की है।
अभी भी समय है  दिल्ली सरकार व डीडीए होश में आये और इन क्षेत्रो में रहने वाले लाखो परिवारों के आशियाने व जीवन पर आने वाले इस संकट का तुरंत समाधान करे, इस सम्बन्ध में की गयी छोटी सी लापरवाही जन आक्रोश में परिवर्तित हो सकती है।

Thursday, February 28, 2013

Shiela Dixit has failed to get anything substantial for Delhi in Union Budget: Dr. Annapurna Mishra

बजट में दिल्ली के लिए कुछ भी खास दिलवाने में असफल रही शीला दीक्षित  :डॉ अन्नपूर्णा मिश्रा 

महिलायों, कमजोर वर्गों के लोगो, अनधिकृत कालोनियों के निवासियों के लिए विशेष प्रावधानों की आवश्यकता को किया गया अनदेखा   

28 फ़रवरी 2013, पूर्वी दिल्ली 


पूर्वी दिल्ली की महापौर डॉ अन्नपूर्णा मिश्र ने कहा कि वित्त मंत्री श्री पी चिदमबरम द्वारा आज संसद में जो बजट पेश किया  गया है वह बहुत ही निराशाजनक व जनविरोधी है. 

इस बजट में दिल्ली खासतौर पर  दिल्ली की महिलाओं, कमजोर वर्गों के लोगो, अनधिकृत कालोनियों के निवासियों के लिए कुछ  भी नहीं है. 

दिल्ली में महिलायों की असुरक्षा पर उठते प्रश्नों को देखते हुए उम्मीद की जा रही थी कि दिल्ली में महिलायों की सुरक्षा, बेहतर व सुरक्षित ट्रासंपोर्ट प्रणाली इत्यादि के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया जायेगा परन्तु बजट  इन आशाओं  को पूरा करने में पूरी तरह विफल रहा है. 

वही दिल्ली में बढती हुयी पानी की किल्लत व गरीब परिवारों के लिए नए मकानों की जरूरत को भी इस बजट में पूरी तरह अनदेखा किया गया है. 

आज दिल्ली के नागरिक जिस प्रकार अच्छे शिक्षा संस्थानों व प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है उसे देखते हुए उम्मीद थी की दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली में शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र के लिए विशेष बजट के लिए केंद्र सरकार पर दबाव डाला जायेगा परन्तु ऐसा लगता है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री, देश के वित्त मंत्री से दिल्ली के लिए कुछ खास बजट प्रावधान करवाने में विफल साबित हुयी है. 

कुल मिलाकर इस बजट में युवाओं, महिलायों, किसानो,कमजोर वर्गों की अनदेखी की गयी है। 
बजट में कुछ भी नया करने की इच्छा  का आभाव भी साफ़  नज़र आता है।  
बजट को देखते हुए लगता है कि देश आज जिस प्रकार की आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है उसके सामने वर्तमान केंद्र सरकार  ने आत्मसमर्पण कर दिया है।   
  
 
Shiela Dixit has failed to get anything substantial for Delhi in Union Budget: Dr. Annapurna Mishra
The need for special provisions for women, weaker sections and residents of unauthorized colonies is ignored 

28 Feb. 2013, East Delhi

East Delhi Mayor Dr. Annapurna Mishra has said that Union Budget tabled in the parliament today by Finance Minister Shri P. Chidambaram is very disappointing and anti-people.

In this Budget there is nothing new for Delhi, especially for women, people from weaker sections and residents of unauthorized colonies. 

With the rising debate on issue of safety of women in Delhi it was expected that there would be special provision for women's safety and for a better and safe public transport system but the Budget has completely failed on this front.

Similarly this Budget completely ignores basic issues like increasing water crisis in the city and need for building homes for poor families in Delhi. 

Today citizens of Delhi are deprived of quality education and primary health care, it was expected that Delhi Govt. would pressurize the Central Govt to get special allocation for Education and Health infrastructure in the capital city  but it seems that Delhi Govt has completely failed in getting anything substantial for Delhi from Finance Minister.

Overall the Budget has ignored the aspiring needs of youth, women and people from weaker sections. 

This budget lacks the will power to do something new, innovative and creative.

This kind of Budget shows that Central Govt has surrendered before the economic crisis that the country is facing,

Tuesday, February 19, 2013

महापौर ने जारी किये मानसून की तैयारियों के लिए विशेष निर्देश


हर 15 दिन में महापौर करेंगी नालो-नालियों के सफाई कार्यो की समीक्षा, पीडब्लूडी  के नालो की सफाई के लिए दिल्ली सरकार पर डालेंगे दबाव 

प्रदेश अध्यक्ष श्री विजय गोयल ने कल मीटिंग में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की बात कही थी 


19 फ़रवरी  2013, पूर्वी दिल्ली नगर निगम 


पूर्वी दिल्ली नगर निगम की महापौर डॉ अन्नपूर्णा मिश्रा ने आज निगमायुक्त को पत्र लिखकर मानसून के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश जारी किये है। 

पत्र में महापौर महोदय ने लिखा है कि पूर्वी दिल्ली में सभी नालो एवं नालियों की सफाई का कार्य समय रहते शुरू होना चाहिए जिससे कि मानसून से पहले सफाई का कार्य पूरा कर लिया जाये।

महापौर डॉ मिश्रा ने कहा है कि वह स्वयं हर 15 दिनों में नालो व नालियों के सफाई कार्यो की समीक्षा करेंगी व इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की कोताही व देरी को स्वीकार नहीं किया जायेगा। 

उल्लेखनीय है कि कल पूर्वी दिल्ली नगर निगम के निगम पार्षदों से मीटिंग के दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री विजय गोयल ने सभी निगम पार्षदों को सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा था। श्री विजय गोयल ने कहा था कि जनता ने जो जिम्मेदारी हमें सौपी है हमें उसे बेहतर तरीके से निभा कर दिखाना होगा। 

प्रदेश अध्यक्ष द्वारा  किये आह्वान को ध्यान में रखते हुए पूर्वी दिल्ली की महापौर डॉ अन्नपूर्ण मिश्रा ने इस बार पूर्वी दिल्ली में मानसून के दौरान जल भराव न हो इसके लिए न केवल नगर निगम के अधिकारीयों को त्वरित कार्य करने के निर्देश दिए है वही साथ में ये निर्णय भी लिया  है कि पिछली बार की तरह पीडब्लूडी द्वारा अपने नालो की सफाई न किये जाने से जो समस्या उत्पन्न हुयी थी वो दुबारा न होने पाए इसके लिए पीडब्लूडी के नालो की भी समय रहते सफाई सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली सरकार पर भी दबाव डाला जायेगा। 

Saturday, January 5, 2013

दिल्ली में महिलायों की सुरक्षा को लेकर सामान्य जन के मन में उठ रहे सवालो और शंकाओ के सन्दर्भ में 8 आवश्यक कदम




letter by EDMC Mayor Dr. Annapurna Mishra to Chief Minister of Delhi Smt. Shiela Dixit on the issue of women's safety and 8 essential steps that should immediately be ensured.

Letter:-

श्रीमती शीला दीक्षित जी
मुख्यमंत्री
दिल्ली सरकार 


विषय - दिल्ली में महिलायों की सुरक्षा को लेकर सामान्य जन के मन में उठ रहे सवालो और शंकाओ के सन्दर्भ में 8 आवश्यक कदम

शीला जी,

यह पत्र दिल्ली में महिलायों की सुरक्षा को लेकर सामान्य जन के मन में उठ रहे सवालो और शंकाओ के सन्दर्भ में लिख रही हूँ।

आपने पिछले दिनों राजघाट पर एक मार्च निकाल कर "दामिनी" को न्याय दिलाने की मांग की। यह देखकर अच्छा लगा कि आपकी रैली को दिल्ल्ली पुलिस के द्वारा पूरा सहयोग दिया गया और इंडिया गेट पर जिस प्रकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर दिल्ली पुलिस ने बर्बरतापूर्ण हमला किया था उसको दोहराया नहीं गया।

आपने पिछले दिनों इस हिंसा और जघन्य अपराध के सन्दर्भ में दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को हटाने की मांग केंद्र सरकार से की थी और ऐसा लगता है की केंद्र सरकार ने आपकी यह मांग अनसुनी कर दी।

जब आपने यह मांग की तब ऐसा लगा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री होने के नाते आप दिल्ली के लोगो की भावनाओ को केंद्र सरकार तक पहुंचा कर एक सही कदम उठाने का प्रयास कर रही है। परन्तु केंद्र सरकार द्वारा आपके बार बार कहने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया जा रहा, उसे देखकर लगता है की आपकी और केंद्र सरकार के बीच इस सन्दर्भ में कोई ठोस कदम न उठाने व केवल नए नए बयानों से जनता को समझाते रहने को लेकर कोई आपसी सहमति बन चुकी है।

जन साधारण के मन में उठ रहे सवालो व शंकाओ को दूर करने के लिए आवश्यक है कि आप केंद्र सरकार और कांग्रेस पार्टी में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए व दिल्ली की मुख्यमंत्री होने के नाते केंद्र व राज्य सरकार द्वारा निम्नलिखत कदमो को शीघ्र सुनिश्चित करवाए:-

1. इस दुखद एवं जघन्य घटना के दौरान लापरवाह रहे सभी पुलिस अधिकारियो को तत्काल सेवा से हटाया जाये

2. इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवतियो व युवको पर लाठी, आंसू गैस व वाटर कैनन से हमला करने के लिए ज़िम्मेदार सभी पुलिस अधिकारीयों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जाये

3. कांस्टेबल सुभाष तोमर की मृत्यु के सन्दर्भ में जिन 8 युवको पर गलत तरीके से केस दर्ज किया गया है, उन युवको के ऊपर से तुरंत ही ये झूठा मुकदमा हटाया जाये

4. दिल्ली में महिलायों के लिए शुरू की गयी हेल्प लाइन सेवा को दुरुस्त किया जाये और यह सही में एक हेल्प लाइन सेवा के रूप में कार्य करे जिससे मुसीबत के समय दिल्ली की महिलायों को तुरंत सहायता सुनिश्चित की जा सके।

5. डीटीसी की बसों में शाम 5 बजे के बाद से एक एक पुलिस कांस्टेबल की व्यवस्था की जाये, अभी की गयी होम गार्ड्स की व्यवस्था नाकाफी है

6. सार्वजानिक स्थलों पर व सभी बसों में CCTV की व्यवस्था की जाये

7. दिल्ली पुलिस में महिलायों की भागीदारी बढाई जाये व महिलायों को पुलिस के उच्च पदों पर अधिक से अधिक जिम्मेदारी प्रदान की जाये

8. दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर चल रही अघोषित रोक हटाई जाये व जनता को सार्वजानिक स्थलों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन से रोका नहीं जाना चाहिए

शीला जी, ये सभी कदम दिल्ली की जनता में विश्वास भरने के लिए तुरंत उठाये जाने आवश्यक है,
कृपया इन्हें सुनिश्चित करवाए।

धन्यवाद्

डॉ अन्नपूर्णा मिश्रा
महापौर
पूर्वी दिल्ली